वाराणसी। बीएचयू के विज्ञान संस्थान में दो दिवसीय परिसंवाद के पहले दिन विज्ञान क्षेत्र से जुड़े नए-नए आयामों की चर्चा की गई। उद्घाटन के बाद बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने एंथ्रेक्स बीमारी के विरुद्ध किए गए रिकांबीनेंट वैक्सीन के बारे में बताया। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी के शिक्षण और शोध को बढ़ावा देने की बात कही।
फ्रांटियर्स आफ साइंस (प्रजेन्ट एंड फ्यूचर) लाइफ साइंसेज विषय पर कुलपति ने कहा कि वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल हो चुका है और जल्द ही बाजार में भी आ जाएगी। प्रो. उषा विजय राघवन ने विज्ञान की मूल गुत्थी, इवोल्यूशन ऑफ मल्टीसेल्यूलर लाइफ फ्रॉम यूनिसेल्यूलेरिटी पर विचार रखा। प्रो. अश्विनी पारिख ने विज्ञान को विश्व की बढ़ती जनसंख्या के भोजन का समाधान करने में सक्षम बताया। प्रो. आरएस यादव ने कहा कि मानवीय स्वार्थ के कारण हम सिक्थ एज ऑफ मास एक्स्टिन्कशन में हैं। स्वागत प्रो. मधुलिका अग्रवाल ने किया। इस दौरान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी, डॉ. अमिताभ जायसवाल आदि लोग मौजूद रहे।