वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के मालवीय नवप्रवर्तन एवं उद्यमिता संवर्धन केंद्र, इंडियन बायो गैस एसोसिएशन (आईबीए) और बुरहानी फाउंडेशन इंडिया के सहयोग से तैयार बायोगैस ऐप को सोमवार को निदेशक प्रो. पीके जैन ने लांच किया। इस दौरान बनारस और आसपास के जिलों से आए किसानों और ग्रीन ग्रुप की महिलाओं को ऐप की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।
आईआईटी के गोपाल त्रिपाठी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक ने इस ऐप को किसानों की आय बढ़ाने में मददगार बताया। कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाना जरूरी है। अब अपनी जैविक फसल, खाद, बीज आदि को बेचने के लिए बाजार का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। प्रो. पीके मिश्रा ने कहा कि ऐप की मदद से किसान फसलों, खाद को अच्छे दाम पर बेच सकेंगे। बुरहानी फाउंडेशन के शेख अब्दिली भानपुरावाला ने बताया कि एप का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है, जहां उनकी फसल, जैविक खाद के लिए अच्छा खरीददार मिल सके। इस दौरान अब्दिली ने ग्रीन ग्रुप की महिलाओं से ऐप के बारे में लोगों को जागरूक करने की अपील की। इस दौरान ऐप के प्रयोग के बारे में किसानों के सवालों का जवाब भी दिया गया। कार्यक्रम में इंडियन बायो गैस एसोसिएशन हातिम भानपुरावाला, गौरव केडिया आदि मौजूद रहे।