ज्ञानपुर (भदोही)। एक से डेढ़ दशक में करोड़ों-अरबों की बेनामी संपत्ति बनाने वाले जिले के कुछ बड़े नेता और निर्यातक जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। वित्तीय वर्ष क्लोजिंग से पहले इन पर आयकर और एसआईबी की टीम शिकंजा कस सकती है। महीने भर पहले औराई के दो कारोबारियों के यहां एसआईबी की टीम छापेमारी कर चुकी है।
जिले में दो दशक पहले सामान्य रूप से रहने वाले कई जनप्रतिनिधि वर्तमान में एक से दो हजार करोड़ के मालिक बन गए हैं। टैक्स चोरी समेत बड़ी परियोजनाओं में कमीशनखोरी के माध्यम से ऐसे लोगों ने बेहिसाब संपत्ति बना ली है। मार्च से पहले आयकर विभाग, ईडी और जीएसटी की एसआईबी टीम सरकारी संपत्ति दबाकर बैठे ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए जुट गई है। कुछ साल पहले एक पूर्व मंत्री आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस भी चुके हैं, जिनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा एक पूर्व विधायक भी कम समय में करोड़ों की बेनामी संपत्ति बना चुके हैं। 12 कालीन निर्यातकों ने भी टैक्स चोरी कर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो ऐसे लोगों की सूची तैयार हो चुुकी है। टीम ऐसे लोगों पर जल्द ही शिकंजा कस सकती है। मामला आगे बढ़ा तो कई राजनेताओं और निर्यातकों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। औराई क्षेत्र के दो-तीन बड़े कारोबारियों के यहां एक से तीन माह पहले जीएसटी की एसआईबी टीम की छापेमारी में बेनामी संपत्ति से जुड़े अभिलेख बरामद हो चुके हैं।