वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र परिसर स्थित अविमुक्तेश्वर महादेव का मंदिर के शिखर का कलश गुरुवार की दोपहर में गिर गया। बंदरों की उछल कूद से गुरुवार दोपहर एक बजकर 50 मिनट पर यह घटना घटी।
कलश के गिरते ही मंदिर प्रशासन सक्रिय हो गया। तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने उसे उठाकर मंदिर कार्यालय में सुरक्षित रखवाया। विश्वनाथ मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के दो स्वर्ण जड़ित शिखर के अलावा अगल बगल छह से सात छोटे बड़े मंदिर हैं। वहीं मंदिर परिसर में बंदरों की संख्या भी काफी अधिक हैं। उनके उछल कूद से अक्सर तार लाइट और अन्य चीजें टूट जाती हैं।
बंदरों के उछलकूद के चलते ही 29 सितंबर को भी इसी मंदिर के शिखर का पीतल का कलश गिर गया था, जिसकी जानकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दी गई। मजिस्ट्रेट ने उस कलश को भी रखवा दिया गया था। जबकि उससे दो दिन पूर्व मंदिर के स्वर्ण शिखर का का करीब एक फुट का टुकड़ा शिखर से अलग होकर गिर गया था। इसे कड़ी सुरक्षा में मंदिर कार्यालय में रखवाया गया।