वाराणसी। ई-वे बिल व्यवस्था प्रदेश भर में रविवार से लागू हो गई है। यह व्यवस्था रेलवे से मंगाए गए माल पर भी प्रभावी होगी। ई-वे बिल न होने पर माल जब्त कर लिया जाएगा। व्यापारियों को हर हाल में 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के कर योग्य माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल रखना अनिवार्य होगा। ई-वे बिल से हाउस होल्ड, एलपीजी, पीजीएस केरोसिन, पोस्टल वैगेज, कीमती स्टोन, आभूषण, सोना-चांदी, बर्तन, भारतीय मुद्रा, होल्ड गुड्स आदि को मुक्त रखा गया है।
ई-वे बिल की व्यवस्था फरवरी महीने में पोर्टल के न चलने के कारण कामयाब नहीं हो पाई थी। ई-वे बिल के तहत यदि किसी ट्रक पर अलग-अलग व्यापारियों का सामान आता है तो 50 हजार रुपये से अधिक कीमत के प्रत्येक सामान का ई-वे बिल न होने पर वाहन रोक दिया जाएगा। कर मुक्त माल में केवल दी आयल केक (डीओसी) पर ही ई-वे व्यवस्था लागू की गई है। कारोबारी और ट्रांसपोर्टर को इंटरनेट की मदद से ई-वे बिल डाउनलोड करना होगा। इस संबंध में वाराणसी जोन के एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड वन) एके गोयल ने बताया कि प्रदेश के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल 15 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। 50 हजार से अधिक कीमत के माल की ढुलाई के समय ई-वे बिल को पोर्टल से अपलोड करना होगा। बताया कि एक ट्रक पर 50 हजार से अधिक कीमत के 20 नग हैं तो सभी का ई-वे बिल जरूरी है। वाणिज्य कर विभाग में इसके लिए हेल्प डेस्क काम कर रहा है। कारोबारी और ट्रांसपोर्टर ई-वे बिल से संबंधित समस्या के लिए 0542-2400038 और 2390124 पर फोन कर सकते हैं।