वाराणसी। महापौर से दुर्व्यवहार मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से भाजपा पार्षदों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पार्षदों ने इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासनिक चूक मानते हुए डीएम और एसएसपी को हटाने की मांग पार्टी फोरम से की थी। पार्टी फोरम की ओर से पार्षदों को आश्वासन दिया गया कि संगठन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। महापौर और पार्षदों के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर कोई न कोई कार्रवाई होगी। बावजूद इसके दस दिन का समय बीत गया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा पार्षदों की मानें तो जिस प्रकार का माहौल इस समय चल रहा है उससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। यही हाल रहा तो कार्यकर्ता मन लगाकर काम नहीं करेंगे। जिस दिन महापौर के साथ घटना घटी थी उस समय केवल गिनती के चार पांच पुलिसकर्मी रहे। घटना वाले दिन पर्याप्त चाक चौबंद व्यवस्था की जाती तो इस प्रकार की घटना नहीं होती।
पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के कमच्छा स्थित आवास पर मुलाकात करके अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने सभी पार्षदों को आश्वासन दिया था इस मामले को ऊपर तक ले जाएंगे और दोषियों को नहीं छोड़ेंगे। पार्षदों ने प्रदेश नेतृत्व के अलावा केंद्रीय नेतृत्व तक इस मामले को पहुंचा दिया है। इस मामले में पूछताछ भी शुरू हो गई है। माना जा रहा है जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई होगी।