ज्ञानपुर। आधुनिक युग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का है। यह निर्विवाद है कि वैज्ञानिक क्रांति ने हमारे जीवन के हर हिस्से को प्रभावित किया है। वैज्ञानिक क्रांति जितना सुनने में नवीन है, उससे कहीं अधिक यह ज्ञान के नवसृजन की आधारभूत संरचना का द्योतक है।
यह बातें केएनपीजी कॉलेज में मंगलवार को वनस्पति विज्ञान परिषद की ओर से आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में प्राचार्य डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव ने बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने महान वैज्ञानिकों के अविष्कारों और उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष डॉ. ऊषा यादव ने प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं के मॉडलों का अध्ययन किया। डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि हमारा देश नव प्रवर्तन का देश है, यह विज्ञान को प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं मानता। हमको सीमित संसाधनों में भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर अपने जीवन को संवारना आता है। सिविल जज सीनियर डिविजन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परवेज अख्तर प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों के अवलोकन के दौरान एक से बढ़कर एक मॉडल देख कर तारीफ की। निर्णायकों ने सुजीत कुमार और पंकज कुमार के मॉडल को सबसे उत्कृष्ट माना। उन्हें संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। मो. मुशफीक खान के घरेलू इंस्पेक्टर वाले मॉडल को दूसरा और अभिषेक के मॉडल को तीसरा स्थान मिला। इस मौके पर डॉ. मदन, डॉ. अंजू, डॉ. कामिनी वर्मा, डॉ. मंजरी, डॉ. अरूण कुमार कुशवाहा, डॉ. कल्पना अवस्थी, डॉ. रविशंकर वाचस्पति, डॉ. रमेश चंद्र यादव, डॉ. डीएन सिंह, डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. इंग्लेश भारती आदि रहे। संचालन डॉ. सौम्या मिश्रा एव डॉ. रश्मि सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रणजीत सिंह ने किया।