भदोही। प्रदूषण से बेजार कालीन नगरी के बाशिंदों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। भदोही में 255 करोड़ रुपये से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण होगा। नगर पालिका परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।
शहर के उद्योग-धंधों का दूषित नालियों और सीवर से होकर नदियों में पहुंच रहा है। इससे नदियों को स्वच्छ बनाने की शासन की मंशा सफल नहीं हो पा रही है। उधर, प्रदूषण को देखते हुए राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) भी चिंता जता चुका है। ऐसे में एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में नगर पालिका परिषद ने एसटीपी की स्थापना के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
मोरवा और वरुणा नदियां भदोही से होकर गुजरती हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अभाव में भदोही शहर का गंदा पानी इन्हीं नदियों में जाता है। इससे दोनों नदियों का पानी दूषित हो चुका है। नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए राष्ट्रीय हरित अभिकरण ने पालिका को कारगर कदम उठाने को कहा है। पांच जनवरी को भदोही दौरे पर आए अभिकरण के अधिकारियों ने मोरवा और वरुणा के पानी के सैंपल भी लिए थे।
पालिका के सैनिटरी इंस्पेक्टर शैलेश ठाकुर ने बताया कि शासन की मंशा है कि नदियों को दूषित होने से बचाया जाए। अभिकरण भी इसके लिए सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसको देखते हुए शासन से एसटीपी के प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल सकती है। इसके लिए पालिका ने 255 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। बताया कि छेड़ीबीर, रजपुरा, चौरी रोड आदि को सीवज व्यवस्था में जोड़ते हुए प्रस्ताव बनाया गया है।