वाराणसी। एक करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों को सीए या आइसीडब्ल्यू से प्रत्येक वर्ष आडिट करानी पड़ेगी। इतना ही नही इसके अलावा जीएसटी विभाग भी स्वयं व्यापारियों की आडिट करेगा। विशेष परिस्थितियों में विभाग विशेषज्ञों द्वारा आडिट करा सकता है। इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स प्रदेश शाखा वाराणसी और पूर्वांचल निर्यातक संघ की ओर से बुधवार को अंधरापुल स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता चार्टर्ड एकाउंटेंट जीडी दूबे ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सीजीएसटी और आइजीएसटी में 198 नोटिफिकेशन व सकुर्लर जारी हो चुके हैं। यह एसजीएसटी और यूटीजीएसटी में जारी सर्कुलर व नोटिफिकेशन के अलावा है। मुख्य वक्ता सीए जीडी दूबे ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद व्यापारियों को 81 माह तक अपनी लेखा बही व बिल बाउचर को संभाल कर रहना होगा। पूर्वांचल निर्यातक संघ वाराणसी के पूर्व अध्यक्ष भोलानाथ बरनवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में चैंबर के वाराणसी शाखा अध्यक्ष विनय कुमार शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। चैंबर के पूर्व अध्यक्ष व सीए मुकुल शाह के दिशा निर्देशन में प्रश्नोत्तर सत्र हुआ। कार्यक्रम में जुनैद अंसारी, जय प्रकाश मूंदड़ा, अरुण कुमार अग्रवाल, दीप शंकर व्यास, एहसान खान, रवि पाटौदिया, राज अग्रवाल, राजीव अग्रवाल आदि रहे।