वाराणसी। बड़ा लालपुर में निर्माणाधीन ट्रेड फैसिलिटी सेंटर से वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर समेत छह मंडल सीधे तौर पर जुड़ेंगे। बनारसी साड़ी के साथ ही भदोही के कॉलीन, आजमगढ़ की ब्लैकपाटरी, गोरखपुर के टेराकोटा को नया प्लेटफार्म मिलेगा। रविवार को फैसिलिटी सेंटर के निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे जुड़े हर पहलू को बारीकी से परखा। इस दौरान उन्होंने इसके स्पष्ट संकेत दिए कि इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को प्रस्तावित काशी आगमन के दौरान कर सकते हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप तैयार किए जा रहे इस फैसिलिटी सेंटर को जल्द से जल्द फाइनल टच देने के निर्देश भी दिए।
करीब डेढ़ घंटे तक निरीक्षण के दौरान उन्होंने करीब 45 मिनट तक संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। सेंटर के उद्देश्यों पर मंथन के साथ ही इसे और उपयोगी बनाने के लिए सुझाव दिए। एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर अनिल राज कुमार और एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक डीडीएस श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को सेंटर से जुड़ी जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री ने सेंटर का नक्शा देखा। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां शिल्पी, बुनकर और उनके उत्पाद दोनों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। यहां आने वाले देशी, विदेशी व्यापारी हस्तशिल्प के साथ ही यहां के खान-पान और संगीत की बारीकी से भी अवगत होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर के बहुउद्देश्यीय आयामों को देखते हुए वाराणसी समेत आसपास के छह मंडलों के शिल्प और उत्पादों को इससे जोड़ा जाए। उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री की यह पहल वाराणसी समेत समूचे पूर्वांचल के हस्तशिल्पियों, बुनकरों के उत्थान के लिए कारगर साबित होगी। कन्वेंशन हॉल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां दो हजार लोगों के बैठने के लिए बनी कुर्सियों को भी परखा। इसके बाद क्रॉफ्ट म्यूजियम और फूड कोर्ट का जायजा लिया। कहा कि बनारस की कचौड़ी-सब्जी, जौनपुर की इमरती सहित आसपास के जिलों के जो भी प्रसिद्ध व्यंजन हों, यहां मुहैया उपलब्ध कराए जाएं। इस दौरान इंजीनियर मोहन लाल, अखिलेश्वर शुक्ला, एसके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
संचालन की भी बनी रणनीति
सेंटर के रखरखाव और संचालन के खर्चों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने लखनऊ में तैयार अवध शिल्प ग्राम की नजीर देते हुए बताया कि वहां शादी विवाह कराने का सुझाव आया था, जो करोड़ों खर्च कर तैयार किए गए ग्राम का मजाक है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि यहां सालभर तक के आयोजन का खाका पहले से तैयार है। किसी संस्था के जरिए इसके संचालन की भी योजना बनाई गई है। इस पर प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने कहा कि किसी एक संस्था नहीं बल्कि कई संस्थाओं को सेंटर के अलग-अलग हिस्से दिए जाएं ताकि व्यवस्थाओं के संचालन में कहीं कोई रुकावट न आने पाए।
जब राम में रम गए योगी
व्यापार सुविधा केंद्र एवं हस्तकला संग्रहालय के क्राफ्ट म्यूजियम में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब वहां रखी गईं राम, लक्ष्मण, सीता सहित रामलीला के अन्य किरदारों की मूर्तियों के करीब पहुंचे तो अचानक ठिठक गए। भगवान श्रीराम की प्रतिमा के समक्ष खड़े होकर अपलक दो से तीन मिनट तक भाव में खो से गए। फिर वहां मौजूद लोगों ने उन्हें रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला के बारे में जानकारी दी। बताया कि ये मूर्तियां खास तौर से क्राफ्ट म्यूजियम में सजाई जाएंगी। इसके अलावा लकड़ी के खिलौने, चुनार के पत्थर से निर्मित वस्तुएं, बुनकर और शिल्प से जुड़े कई नायाब नमूने यहां खास हैं। कई तरह के वाद्य यंत्रों का भी यहां प्रदर्शन किया गया था।