कछवा रोड। सेवापुरी ब्लॉक के ठटरा गांव की प्रधान इंद्रावती केशरी ने राजातालाब के पूर्व एसडीएम त्रिभुवन राम पर ग्राम सभा की जमीन मनमाने तरीके से अपात्रों को बांटने का आरोप लगाया है। लोहिया आवास के लिए 30 लोगों को जमीन पट्टे में दी गई है। प्रधान का कहना है कि लोहिया आवास की सूची में सिर्फ चार लाभार्थियों के नाम है। बाकी जिन 26 लोगों को जमीन दी गई है, आवास की सूची में उनके नाम ही नहीं हैं तो जमीन कैसे दे दी गई। ग्राम प्रधान ने एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र भेज कर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम प्रधान ने उप जिलाधिकारी राजातालाब, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि 30 दिसंबर 2016 को तत्कालीन एसडीएम त्रिभुवन राम उनके गांव की सरकारी जमीन के पट्टे स्वीकृत किए। यह जमीन 30 लोगों को लोहिया आवास बनवाने के लिए आवंटित की गई। ग्राम प्रधान का आरोप है कि ग्राम सभा की जमीन को पट्टे में देने के लिए न तो ग्राम पंचायत की बैठक हुई और न ही कोई प्रस्ताव मांगा गया। यहां तक कि उन्हें इसकी सूचना भी नहीं दी गई। इतना ही नहीं, जिन लोगों को जमीन दी गई है, उनके सिर्फ चार लोगों का चयन लोहिया आवास के लिए हुआ है। शेष सभी अपात्र हैं, जिनके पास पक्के मकान, दूकान, वाहन, खेत और पंपिंग सेट हैं। हद तो यह हो गई कि एक क्षेत्र पंचायत सदस्य और उनके दो अविवाहित पुत्रों को भी जमीन आवंटित की गई है। इस जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का प्रस्ताव पास हो चुका था। ग्राम प्रधान का कहना है कि लेखपाल और तत्कालीन एसडीएम की मनमानी से ग्राम सभा को करोड़ों रुपये की क्षति हुई है। उन्होंने पूरे मामले की जांच करा कर अवैध पट्टे निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।