वाराणसी। भाजपा की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा होने के साथ ही काशी में जश्न का माहौल है। लोकसभा चुनाव-2014 में कोविंद प्रदेश के महामंत्री के साथ-साथ काशी क्षेत्र के प्रभारी रहे। उनकी कुशल रणनीति के चलते काशी क्षेत्र की 14 संसदीय सीटों में से अमेठी को छोड़कर बाकी 13 सीटों पर भाजपा और अपना दल गठबंधन को फतह मिली थी। पार्टी में इस बात की भी चर्चा है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चुनाव में भाजपा ने दलित कार्ड खेलकर विपक्षियों को मौका नहीं दिया।
भाजपा काशी क्षेत्र में अमेठी के अलावा बनारस महानगर और जिला, इलाहाबाद में महानगर, गंगापार, जमुनापार, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, भदोही, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली जिले शामिल हैं। इनमें 71 विधानसभा सीटें है। कोविंद से मिले चुनावी मंत्र के आधार पर इस बार विधानसभा में भी 55 सीटों पर भाजपा को विजय हासिल हुई। लंबे समय से पार्टी और आरएसएस से जुड़े कानून के जानकार कोविंद कुशल रणनीतिकार हैं।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि संसदीय चुनाव के दौरान छोटी-छोटी बातों का वे विशेष ख्याल करते थे। किसी भी कार्यकर्ता के घर जाकर खाना खा लेते थे। वे खुद एक कार्यकर्ता से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार तक पहुंचे हैं। बैठकों में वे छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते थे।