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Varanasi News : पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर निकले 3.50 लाख श्रद्धालु, चक्रपुष्करणी तीर्थ पर भक्तों का जमावड़ा

Tue, 25 Feb 2025 11:49 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग  हर-हर महादेव... के जयघोष से गुलजार हुआ। चक्रपुष्करणी तीर्थ में स्थान कर भक्तों ने परिक्रमा का संकल्प लिया। इस दौरान भक्तों में उत्साह देखने को मिला।
 
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पंचक्रोसी यात्रा के दौरान लगी भीड़ - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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महाशिवरात्रि पर काशी के पंचक्रोशी परिक्रमा का पुण्य पथ हर-हर महादेव... के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। चक्रपुष्करणी तीर्थ पर परिक्रमा का संकल्प लेकर पैदल ही श्रद्धालु पुण्य पथ की राह पर चल निकले। मंगलवार को हर-हर महादेव के जयघोष से पंचक्रोशी परिक्रमा का पथ रात भर गूंजता रहा। मध्य रात्रि तक साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालु पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर निकले।

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मंगलवार की शाम को मणिकर्णिका तीर्थ की गलियां श्रद्धालुओं से पट गईं। पंचक्रोशी परिक्रमा का संकल्प लेने के लिए श्रद्धालु घाट की ओर बढ़ रहे थे। मणिकर्णिका घाट स्थित चक्रपुष्कर्णी कुंड और गंगा में स्नान कर श्रद्धालुओं ने यात्रा का संकल्प लिया। तीर्थ पुरोहितों ने विधि-विधान से श्रद्धालुओं का संकल्प कराया। इसके बाद महाशिवरात्रि पर 24 घंटे में पूरी होने वाली पंचक्रोशी परिक्रमा आरंभ हो गई।

पवित्रता, तपस्या और भक्ति के प्रतीक पथ पर श्रद्धालुओं का रेला गंगा के तट से होते हुए पैदल ही पंचक्रोशी के पहले पड़ाव की ओर बढ़ चला। आत्म-शुद्धि, मोक्ष प्राप्ति, और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा को प्रकट करने के लिए श्रद्धालु नंगे पांव ही पंचाक्षरी मंत्र का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे थे। श्रद्धालु अगले 24 घंटे में काशी की शास्त्रीय सीमा की परिक्रमा पूरी करेंगे।
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परंपरानुसार यात्रा पूरी होने पर मणिकर्णिका घाट पर ही संकल्प छोड़ कर यात्रा पूर्ण होगी।


पंचक्रोशी यात्रा के पांच पड़ाव
पंचक्रोशी परिक्रमा का पहला पड़ाव कर्दमेश्वर है। इसके बाद श्रद्धालु दूसरे पड़ाव भीमचंडी पहुंचेंगे। भीमचंडी के बाद तीसरे पड़ाव रामेश्वर और फिर वहां से शिवपुर पांचों पंडवा में दर्शन पूजन के बाद यात्रा के अंतिम पड़ाव कपिलधारा पहुंचेंगे। कपिलधारा से मणिकर्णिका घाट पर पहुंचकर यात्रा पूर्ण होगी।

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