प्रतिदिन लगभग 1000 टन कूड़ा एकत्र होता है। जिसमें दीपावली के बाद 3000 टन कूड़ा एकत्र किया गया। निस्तारण के लिए कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट करसड़ा भेजा गया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की संख्या बढ़ा दी गई है।
अपर नगर आयुक्त सविता यादव के अनुसार बुधवार को भोर से लेकर देर शाम तक कूड़ा उठाया गया। बीएचयू के पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. कृपाराम ने बताया कि पटाखा जलने के बाद उसमें हैवी मेटल होते हैं। जो मिट्टी में जाएंगे तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएंगे।