संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 33वां दीक्षांत समारोह सोमवार को मनाया जाएगा। शास्त्री, आचार्य सहित अन्य पाठयक्रमों में सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाले 29 मेधावियों में 67 स्वर्ण पदक वितरित किए जाएंगे।
पदक पाने वालों में इस बार आठ छात्राएं भी शामिल हैं। इसके साथ ही 30892 विद्यार्थियों को उपाधियां भी मिलेंगी।
समारोह के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी और अध्यक्षता कुलाधिपति और राज्यपाल रामनाइक करेंगे।
रविवार को कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने योगसाधना केंद्र में पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी।
बताया कि इस साल पांच शोध छात्रों को डीलिट की उपाधि और 40 को पीएचडी उपाधि दी जा रही है।
30892 उपाधि धारकों में शास्त्री में सर्वाधिक 22680, आचार्य 7689, बीएड 422, एमएड 23, पीएचडी 40, बीएएमएस 14, बीलिब 19 और डीलिट में पांच उपाधि शामिल है।
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह के बाद मुख्य भवन के जीर्णोद्धार संबंधी कामकाज शुरू होगा। उन्होंने बताया कि कुलाधिपति रामनाइक सुबह 11ः30 बजे से 1ः16 बजे तक परिसर में रहेंगे। उधर शाम करीब साढ़े तीन बजे से आयोजित पूर्वाभ्यास में पदक, उपाधि पाने वाले विद्यार्थी मौजूद रहे। इस दौरान प्रो. सुभाष तिवारी ने कुलाधिपति की भूमिका का निर्वहन किया।