भारी मात्रा में बरामद माल को लेकर परेशान हुआ प्रशासनिक अमला
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के पहड़िया मंडी के समीप बुधवार को एसटीएफ और एनसीबी की संयुक्त टीम ने एक ट्रक में लदे शकरकंद के बोरों के बीच से 270 किलोग्राम गांजा बरामद किया। गांजा के साथ ओडिशा के कोरापुर जिला निवासी अंतर प्रांतीय तस्कर महेंद्रन हंतल और जन्मुरी रमेश को गिरफ्तार कर कैंट पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजा की खेप लेकर तस्कर आजमगढ़ जा रहे हैं। इस सूचना पर नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से संपर्क किया गया। इसके बाद एसटीएफ के इंस्पेक्टर शैलेष प्रताप सिंह, विपिन राय व अमित श्रीवास्तव और एनसीबी की टीम ने पहड़िया मंडी के समीप घेरेबंदी कर ट्रक से गांजा बरामद किया।
पूछताछ में दोनों तस्करों ने बताया कि वो ओडिशा के कोरापुर से गांजा की खेप लेकर आजमगढ़ जा रहे थे। आजमगढ़ तक गांजा की खेप पहुंचाने पर उन्हें 50 हजार रुपये मिलते। दोनों के अनुसार वो इस काम में दो साल से लगे हैं। ट्रांसपोर्टर ट्रक में सामान बुक कराते थे और बीच रास्ते में मिलकर तस्कर सामान के नीचे गांजा रख देते थे।
डिप्टी एसपी ने बताया कि दोनों तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर इस अवैध धंधे में लिप्त अन्य की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की एक टीम को आजमगढ़ रवाना कर दिया गया है।
छापेमारी में लाखों की प्रतिबंधित पॉलिथीन बरामद
आजमगढ़ एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में बुधवार को प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की शुरूआत की गई। इस दौरान शहर के ब्रह्मस्थान क्षेत्र में स्थित दो रिहायशी मकानों में बने गोदामों से लाखों की कीमत के प्रतिबंधित पॉलिथीन व थर्माकोल के बने गिलास, थाली व थैली बरामद की गई। भारी मात्रा में पॉलिथीन बरामद होने के बाद कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अमले के समक्ष समस्या खड़ी हो गई और घंटों मशक्कत के बाद बरामद माल संबंधित गोदाम में ही रखवा कर सीज करा दिया।
प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई से पूरे प्रदेश में 50 माइक्रोन के पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। शासनादेश जारी होने के बाद कुछ नगर निकाय व तहसील प्रशासन ने इक्का-दुक्का कार्रवाई कर जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली थी।
पॉलिथीन व थर्माकोल के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई में तहसीलदार, सीओ के साथ ही ईओ नगर पालिका को भी होना चाहिए, लेकिन ईओ पूरी कार्रवाई के दौरान नजर नहीं आए। नपा के सफाई इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र यादव व कुछ राजस्व निरीक्षक उपस्थित रहे। ईओ को मौके पर बुलाने के लिए एसडीएम, सीओ ने कई बार उनके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन मौके पर आना तो दूर ईओ ने एसडीएम व सीओ का फोन तक नहीं उठाया।