कोरोना की दूसरी लहर में बंद चल रहे सीएम आरोग्य मेले की शुरुआत पांच महीने बाद रविवार से हो गई। जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मेले में 2601 लोगों की जांच हुई। इस दौरान चिकित्सकों ने सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह के साथ ही लोगों को निशुल्क दवाईयां भी दीं। विशेष तौर पर लोगों को कोरोना टीकाकरण से जुड़ी जानकारी देने के साथ ही केंद्रों पर पहुंचकर टीका लगाए जाने की अपील की गई।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए ही सीएम आरोग्य मेले की शुरुआत हुई थी। रविवार को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी ने राजघाट पीएचसी पर लगे मेले का उद्घाटन किया। मंडुवाडीह पीएचसी पर कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि मेले में कोविड प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेले में 2681 में से 1084 पुरुष, 1167 महिलाओं और 350 बच्चों की जांच की गई। इसके अलावा 321 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए, कोविड हेल्प डेस्क पर 1423 लोगों की स्क्रीनिंग हुई।
टीबी के मिले 18 संदिग्ध मरीज, 52 कुपोषित बच्चे भी मिले
पांच महीने बाद लगे सीएम आरोग्य मेले में टीबी के संदिग्ध 18 मरीज भी मिले। इसके अलावा 52 कुपोषित बच्चाें को भी चिह्नित कर उनके अभिभावकों को बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। मेले में खून की कमी के 50 और 76 हाईपरटेंशन, 3 कैंसर के रोगी मिले। 199 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) हुई। इसके अलावा 893 अन्य रोगों के मरीज देखे गए। नौ मरीजों को चिकित्सीय उपचार के लिए भेजा गया।