इसी लालच में बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के युवक इस नेटवर्क का हिस्सा बने। सभी को 20-20 हजार रुपये लेकर जोड़ा गया। पीड़ितों ने बताया कि निर्धारित संख्या में नए सदस्य नहीं जोड़ने या नेटवर्क छोड़ने की कोशिश करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्हें बाहर जाने से रोका जाता और परिचितों को बुलाकर सदस्य बनाने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने वालों को धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के भी आरोप लगे।
पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से अब तक 50 लाख की वसूली की जा चुकी है। सदस्यों से अलग-अलग मदों में रकम जमा कराई जाती थी और भविष्य में भारी मुनाफे का भरोसा दिया जाता था, लेकिन अधिकांश लोगों को न तो वादा पूरा हुआ और न ही जमा राशि वापस मिली। पुलिस ने मौके से दस्तावेज, रजिस्टर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नेटवर्क संचालन से जुड़े अन्य सामान भी बरामद किए हैं।
मुक्त कराए गए युवकों के बयान दर्ज किए गए। अभी इसमें कितने लोग शामिल है इसकी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है, इसका विस्तार किन-किन राज्यों तक है और यह रैकेट कब से संचालित किया जा रहा था। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।