वाराणसी। ऑर्थो इंप्लांट्स की फर्जी फर्मों के मामले में केंद्रीय जीएसटी की टीम कर निर्धारण में जुटी है। 26 जनवरी को जब्त कागजातों व कंप्यूटर डाटा की छानबीन चलती रही। इस मामले में सोमवार को कुछ और फर्म संचालकों व चिकित्सकों से पूछताछ हो सकती है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग को भी पत्र भेजकर इसकी सूचना दी गई है। सोमवार से स्वास्थ्य विभाग भी कार्रवाई कर सकता है।
सेंट्रल जीएसटी की टीम ने शुक्रवार को ऑर्थो इंप्लांट्स की दो फर्जी फर्मों और इससे जुडे़ एक चिकित्सक के यहां छापेमारी की थी। इस दौरान मिले कागजातों और सूचनाआें से बड़े स्तर पर खेल का पर्दाफाश हुआ है। इसमें कई राज्यों के चिकित्सकों के साथ कई फर्जी फर्मों की संलिप्तता सामने आई है। इसमें लाखों की कर चोरी पकड़े जाने की भी संभावना है।
बताते चलें कि सत्येंद्र तिवारी की एचआर आर्थो सिस्टम फर्म के वाराणसी में अर्दली बाजार और जौनपुर कार्यालय में छापेमारी की गई। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष विक्रम के हेरिटेज अस्पताल स्थित चैंबर और भेलूपुर स्थित हॉस्पिटल को भी खंगाला गया था। सूत्रों के मुताबिक, जब्त कागजातों से पता चला कि ये फर्म कागजों और वेब की दुनिया में चल रही थीं, वास्तव में इनका आस्तित्व नहीं पाया गया है।