वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर ऐढ़े गांव स्थित टेंट सिटी में एक थाना, चौकी, कंट्रोल रूम, बैरक और दस वॉच टॉवर बनाए जाएंगे। संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। यह काम हर हाल में 15 जनवरी तक पूरा कराने का निर्देश गुरुवार को डीजीपी ओपी सिंह ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी को दिया। इसके साथ ही टेंट सिटी में चार फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
ऐढे़ स्थित टेंट सिटी में 1500 से ज्यादा प्रवासी भारतीयों के ठहरने की संभावना है। इसके मद्देनजर डीजीपी ने कहा है कि ऐढ़े और आसपास के गांवों के लोगों का सत्यापन किया जाए और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को सूचीबद्ध कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ऐढ़े गांव और आसपास के गांवों में लोगों की गतिविधियों पर नजर रखे। पुलिस शाम से देर रात तक क्षेत्र में चक्रमण करे। ऐसी ही व्यवस्था बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकु़ल और आसपास के क्षेत्र में होनी चाहिए। सम्मेलन के दौरान ऐढ़े और बड़ा लालपुर में गश्त के लिए पीएसी और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। सम्मेलन के दौरान जिन होटलों, नावों और वाहनों का उपयोग किया जाएगा, उनसे संबंधित लोगों के सत्यापन का काम हर हाल में 15 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश डीजीपी ने दिया है।
तीन स्तरीय होगा सुरक्षा घेरा
प्रवासी भारतीय तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे। इसके लिए सशस्त्र पुलिस, एटीएस के कमांडो और पीएसी व सीआरपीएफ के जवान तैनात किए जाएंगे। आंतरिक सुरक्षा घेरे में तैनात होने वाले पुलिसकर्मी कोट-पैंट और टाई पहने रहेंगे। दूसरा घेरा पीएसी और सीआरपीएफ के जवानोें का और तीसरा घेरा जिला पुलिस के सशस्त्र जवानों का होगा। इसके अलावा होटलों, गंगा घाटों, सारनाथ सहित शहर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ के जवान और रूफ टॉप फोर्स तैनात रहेगी। यूपी 100 की पीआरवी की संख्या बढ़ा कर उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मेलन के आयोजन स्थल के रूट पर तैनात किया जाएगा। आयोजन स्थल के बाहर सौ-सौ मीटर की दूरी पर दंगा नियंत्रक उपकरणों से लैस क्यूआरटी तैनात रहेगी।
यातायात व्यवस्था सुधारें, न लगे जाम
शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था पर मुख्य सचिव और डीजीपी खासे गंभीर दिखे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि आमजन का सहयोग लेकर और ठोस कार्ययोजना बनाकर हर हाल में 15 जनवरी तक यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाए, ताकि सड़कों पर जाम न लगे। जहां जरूरी हो वहां वनवे की व्यवस्था की जाए। अतिक्रमण की समस्या का समाधान कर वाहन पार्किंग की व्यवस्था का ठोस विकल्प खोजा जाए। सड़कों पर विकास कार्यों के लिए जगह-जगह जारी खुदाई का काम बंद हो।