वाराणसी। न तो टूटी सड़कें बन रही हैं। न ही गलियों में बहते सीवर सही हुए हैं। जाम और अतिक्रमण की समस्या भी जस की तस है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछली बार एक सितंबर को जब काशी आए थे तो इन जन समस्याओं को दूर न करने के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई थी समाधान करने की हिदायत दी थी। रविवार को मुख्यमंत्री बनारस में ही होंगे।
रथयात्रा चौराहा, सिगरा, कमच्छा, महमूरगंज, मंडुवाडीह, बड़ी पियरी, चेतगंज, औरंगाबाद, सोनिया, रेवड़ी तलाब में सड़कें जगह-जगह टूटी हैं। तीन महीने से ऐसा ही हाल है। मुख्य सड़कों पर जरूर कहीं-कहीं पैचवर्क किया गया है। महमूरगंज, तुलसीपुर और बिरदोपुर आदि इलाकों में इन दिनों सीवर का मलजल गलियों में बह रहा है। सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेरों से नालियां और सीवर जाम हो रहे हैं। इन इलाकों में ठीक से सफाई भी नहीं हो रही है। हालांकि नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने सीवर की सफाई के लिए जलकल के अधिकारियों को निर्देशित किया है।
मैनहोल के ढक्कन टूटे
भारी वाहनों के चलते न केवल सड़क बल्कि मैनहोल के ढक्कन भी टूट रहे हैं। सिगरा महमूरगंज और रथयात्रा महमूरगंज मार्ग के मैनहोल के ढक्कन आए दिन टूट रहे हैं। यहां रात में भारी वाहन बेरोक टोक चलते हैं। जलकल ने टूटे मैनहोल की मरम्मत शुरू करा दी है। दरअसल कैंट से लहरतारा जाने वाले मार्ग के बंद होने से कई वाहन सिगरा रथयात्रा होकर बाहर जाते हैं। कई बार इन खुले मैनहोल में वाहनों के पहिए फंस जाते हैं, जिसे निकालने में घंटों लग जाते हैं। क्षेत्र के दुकानदार राधेश्याम ने कहा कि जब से इधर से वाहनों की आवाजाही हुई है तब से सड़क, नाली, खड़ंजा, मैनहोल के ढक्कन टूट रहे हैं। मिंटू चौरसिया ने कहा कि पहले लोहे के ढक्कन होते थे तो नहीं टूटते थे अब सीमेंट के ढक्कन होने से बार-बार टूट रहे हैं। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने मैनहोल के टूटे ढक्कनों को मरम्मत करने के निर्देश मातहतों को दिए हैं।