वाराणसी। 2005 में शिवदासपुर में रेस्क्यू कर देह व्यापार में लिप्त युवतियाें व महिलाआें को छुड़ाकर उन्हें नई जिंदगी देने वाले ‘गुड़िया’ संस्था के अजीत सिंह के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) कार्यक्रम में उन्हें न सिर्फ आमंत्रित किया गया, बल्कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने सम्मानित भी किया। शुक्रवार को कर्मवीर एपिसोड में इसका प्रसारण किया गया। शो में उनके अभियानों पर अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों की स्लाइड भी चलाई गई। हॉट सीट से अजीत सिंह ने बताया कि अमर उजाला उनके शुरुआती दौर का साथी रहा है।
खजूरी के रहने वाले अजीत सिंह करीब तीस साल से देह व्यापार में जबरन लाई गई युवतियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सक्रिय हैं। उनके साथ उनकी पत्नी मंजू भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। 2005 में शिवदासपुर के रेड लाइट एरिया में पुलिस के साथ मिलकर अजीत सिंह की संस्था गुड़िया ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इलाहाबाद में उनके द्वारा चलाया गया ऑपरेशन मॉडल अभियान बना। अन्य शहरों में भी उन्होंने मानव तस्करी के लिए खिलाफ अभियान चलाया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। अब इनके कार्यों को केबीसी में मान मिला है। रेस्क्यू के दौरान अजीत सिंह और गुड़िया संस्था के सदस्यों पर कई बार जानलेवा हमले हुए, फर्जी मुकदमे में लादे गए लेकिन हर परिस्थितियों से लड़कर उन्होंने अपने मिशन को जारी रखा। इनके द्वारा किए गए साहसिक कार्यों को महानायक अमिताभ बच्चन ने खासा सराहा। शो में 12.5 लाख रुपये जीतने के साथ ही अमिताभ बच्चन ने संस्था को व्यक्तिगत तौर पर मदद करने की भी पेशकश की।
इस सम्मान से गदगद अजीत सिंह कहते हैं कि शुक्रवार को केबीसी में हमारा एपिसोड ऑन एयर होने के बाद लोगों की प्रशंसा मिल रही है। बधाइयों और शुभकामनाओं के दौर से हमारा उत्साहबर्धन हुआ है।
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केबीसी में आने के बाद 15 लाख से अधिक का डोनेशन
केबीसी के ऑन एयर होने के बाद अजीत सिंह और ‘गुड़िया’ के सहयोग के लिए देश भर से लोग आगे आए हैं। बीते दो दिन में संस्था को करीब 15 लाख रुपये डोनेशन के तौर पर प्राप्त हो चुके हैं। सिंह ने कहा, फिलहाल, मुझे अमिताभ बच्चन के डोनेशन का इंतजार है। बच्चों, युवतियाें और महिलाओं के अधिकार की लड़ाई को अमिताभ बच्चन के सहयोग से आगे कैसे बढ़ाया जाए, मैं इसकी योजना बना रहा हूं। मेरी नजर कोठों में बंधक बनीं 12 लाख किशोरियाें को मुक्त कराने पर है।