ज्ञानपुर। जिला खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की टीम ने सोमवार को ज्ञानपुर, गोपीगंज, जंगीगंज और भदोही नगरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान किराना की दुकान, रेस्टोरेंट समेत अन्य दुकानों पर पहुंचकर टीम ने खाद्य पदार्थों की जांच पड़ताल की। इससे दुकानदारों में खलबली मच गई। टीम ने पनीर, तेल समेत कई खाद्य पदार्थ के नौ सैंपल जांच के लिए उठाए।
बढ़ती मिलावटखोरी के मद्देनजर आयुक्त खाद्य एवं औषधीय प्रशासन ने छापेमारी का निर्देश दिया था। उसी के तहत सोमवार को जिला खाद्य एवं औषधीय प्रशासन की अभिहीत अधिकारी मंजुला सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने जंगीगंज, गोपीगंज, ज्ञानपुर और भदोही में छापेमारी कर नौ सैंपल उठाए। अचानक हुई छापेमारी से बाजारों में खलबली मची रही। कई दुकानदार तो दुकानों के शटर गिराकर खिसक लिए। टीम ने कई दुकानों की जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने पनीर, दूध, घी, मसाला, हल्दी, मसाला आदि के नौ सैंपल उठाए। जिला अभिहीत अधिकारी ने दुकानदारों से कहा कि वह दुकान के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को बाहर चिपकाएं। ताकि कोई टीम आए तो उसे देख सके। सभी खाद्य पदार्थ का बिल-बाउचर रखा जाए। कोई भी मिलावटी सामान दुकान न बेचें, वरना पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। खुले हुए मसाला और तेल की बिक्री न करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सैंपल जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा जाएगा। टीम में रामसूरत, जय प्रकाश गुप्ता, लालजीत यादव आदि रहे। बताते चलें कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने और महंगाई के चलते पनीर, दूध, घी में मिलावटखोरी की जाती है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से तमाम गंभीर बीमारी से लोग ग्रसित होते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग की ओर से समय-समय पर छापेमारी की जाती है।