ज्ञानपुर। शिक्षण सत्र खत्म होने की ओर पहुंच चुका है, लेकिन अब तक शिक्षकों के खाते में रंगाई-पुताई का पैसा नहीं पहुंचा। इससे स्कूलों का समय से रंग रोगन हो पाना मुश्किल दिख रहा है। 20 मई के बाद बंद होने वाले स्कूल फिर एक जुलाई यानि बारिश में शुरू होंगे। ऐसे में बारिश के समय रंगाई-पुताई करा पाना मुश्किल होगा।
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष शासन की ओर से रंगाई-पुताई के लिए पैसा भेजा जाता है। अप्रैल से ही भवन के आधार पर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को पांच से 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले के करीब 1117 विद्यालयों के लिए 78 लाख 19 हजार की रकम 10 दिन पूर्व ही बैंकों को भेज दी गई, लेकिन अब तक एक भी स्कूल में रंगरोगन का पैसा नहीं पहुंच सका। कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 20 मई को शिक्षण सत्र खत्म होने के बाद विद्यालय में ग्रीष्मावकाश हो जाएगा। उसके बाद एक जुलाई से विद्यालय दोबारा खुलेंगे। समय से अगर रंग-रोगन का पैसा मिल जाए तो मई के अंत तक रंगाई-पुताई का कार्य पूर्ण करा लिया जाए। समय से पैसा न मिला तो रंगाई-पुताई सितंबर-अक्टूबर के पहले हो पाना मुश्किल होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि रंगरोगन का पैसा भेजा जा चुका है। अब तक स्कूलों में क्यों नहीं पहुंचा, इसकी जानकारी ली जाएगी।