ज्ञानपुर। बेमौसम बारिश और आंधी ने इस बार भी किसानों को नुकसान पहुंचाया है। गत एक पखवारे के अंदर हुई बारिश और आंधी से गेहूं की 10 फीसदी तक पैदावार घटेगी, जबकि आम को 25 से 30 फीसदी तक नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़े में गेहूं का नुकसान भले ही पांच फीसदी दर्शाया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे इतर ही है।
कृषि प्रधान देश में साल के 365 दिन में दो सीजन में खेती की जाती है। रबी में गेहूं समेत अन्य दलहनी, तिलहनी तो खरीफ में धान की खेती होती है। गत तीन साल से मौसम की मार सह रहे किसानों को इस बार भी राहत नहीं मिली। कम बारिश के बीच नलकूप, पंपिग सेट के सहारे किसी तरह गेहूं की पैदावार करने वाले किसानों को एक पखवारे में दोहरा झटका लगा। एक सप्ताह के अंतराल में बेमौसम बारिश और आंधी के कोप से उन्हें गुजरना पड़ा। मड़ाई के शुरुआती दौर में ही बारिश होने से गेहूं की पिछैती फसलों को नुकसान पहुंचा। साथ ही आम की फसलों को काफी क्षति हुई। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो गेहूं को 10 फीसदी तो आम को 30 फीसदी तक क्षति हुई है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि बारिश और आंधी आने से पूर्व ही गेहूं की मड़ाई 30 से 40 फीसदी हो चुकी थी, जो फसल बची थी वह पककर तैयार थी। बारिश से इस पर अधिक असर नहीं पड़ा।