ज्ञानपुर। मौसम का उतार-चढ़ाव और लापरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है। बार-बार मौसम के बदलाव के चलते लोग सर्दी, खांसी, निमोनिया और उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। यही नहीं, एलर्जी और दमा के मरीजों की तादाद सबसे ज्यादा है। यही वजह है कि इन दिनों निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की खासी भीड़ पहुंच रही है। ओपीडी ही नहीं, इमरजेंसी और भर्ती होने वाले मरीजों की भी संख्या बढ़ गई है।
पिछले दिनों ठंड घटने के बाद अचानक मौसम बदलने और आंधी-बारिश होने से बीमारियों ने पैर पसार लिया है। मौसम के बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों में पड़ रहा है। इसमें खानपान और रहन-सहन में असावधानी और भी खतरनाक साबित हो रही है। इसका असर अस्पतालों में देखा जा सकता है। पिछले एक हफ्ते में जिला अस्पताल में करीब 40 फीसदी तक मरीजों की तादाद बढ़ी है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में 26 मरीज भर्ती कराए गए, जिनमें 20 मरीज श्वांस और निमोनिया के हैं। यहां हफ्तेभर में डेढ़ सौ से अधिक मरीज भर्ती कराए गए, जबकि नए पुराने मिलाकर करीब पांच हजार मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया। वहीं, शनिवार को ओपीडी में 832 नए और 400 पुराने मरीजों ने उपचार कराया। इनके अलावा इमर्जेंसी में केशवपुर सरपतहां निवासी गायत्री (50), जगापुर निवासी गिरिया (30), मवैया हरदोपट्टी निवासी लालमणि (50), नारायण कॉलोनी की रहने वाली संगीता (30), सराय कंसराय की रोशनी (01) समेत 26 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें ज्यादातर सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त, निमोनिया और श्वांस के मरीज शामिल है। यही हाल निजी अस्पतालों में देखने को मिल रहा है।