वाराणसी। सेना दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों के तहत 39 जीटीसी ने शनिवार को छावनी के बहुउद्देशीय मैदान में हथियारों की प्रदर्शनी लगाई। सेना ने प्रदर्शन के जरिए लोगों को बताया कि सेना के पास कौन-कौन से हथियार हैं और वह किसी भी तरह के मुकाबले को तैयार और सक्षम है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र और क्षेत्रीय लोग पहुंचे थे। जवानों ने प्रदर्शनी में लगाए हथियार और उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मिलिट्री बैंड और पाइप बैंड का भी प्रदर्शन किया गया। जीटीसी के कमांडेंट एसए रहमान ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। छात्रों ने हथियारों के साथ फोटो भी खींची।
केंद्रीय विद्यालय, आर्मी स्कूल और छावनी बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र सुबह प्रदर्शनी लगने के कुछ देर बाद ही पहुंचने लगे थे। छात्रों ने इंसास, एके 47 रायफल, स्नाइपर रायफल एवं पिस्टल के बारे में जानकारी ली। जवानों ने असलहा पकड़ने और उसे चलाने के बाबत भी जानकारी दी। जवानों ने बताया कि उनके पास इससे बेहतर रायफल एके 56 समेत कई अन्य हथियार भी हैं, जिसे यहां नहीं लाया जा सकता है। मोर्टार और दूरबीन के बारे में भी बताया गया। बिग्रेडियर एसए रहमान के पहुंचने पर मिलिट्री बैंड ने स्वागत धुन के बाद वंदे मातरम, संदेशे आते है, ऐ वतन तेरे लिए आदि गीतों की धुन बजाई। जीटीसी के अपने पाइप बैंड ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 39 जीटीसी का बैंड गणतंत्र दिवस में शामिल होने दिल्ली गया है। उनकी अनुपस्थिति में फैजाबाद यूनिट की मिलिट्री बैंड यहां आई थी। सेना दिवस पर 15 जनवरी को जीटीसी के परेड ग्राउंड में कार्यक्रम होना है। प्रदर्शनी के दौरान चारों ओर सेना के जवान तैनात थे। सेना 15 जनवरी को सेना दिवस मनाती है। 15 जनवरी को 1949 को जनरल केएम करियप्पा ने इंडियन आर्मी के कमांडर इन चीफ का कार्यभार ग्रहण किया था।
इन हथियारों की लगाई गई प्रदर्शनी
इंसास रायफल- 400 मीटर की दूरी तक मारक क्षमता, वजन 4.373 किलो, 20 गोली।
एके 47 रायफल-400 मीटर की दूरी तक मारक क्षमता, वजन 3.15 किलो, 30 गोली
स्नाइपर रायफल- 1300 मीटर की दूरी तक मारक क्षमता, वजन 4.3 किलो, कमांडर को मारने के लिए विशेष हथियार
लाइट मशीन गन, 9 एमएम पिस्टल, 84 एमएम आरएल, मोर्टार, मीडियम मशीनगन की प्रदर्शनी लगाई गई