वाराणसी। जीएसटी की विसंगतियों से नाराज औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक मंगलवार को विनायका प्लाजा में हुई। इसमें सभी ने जीएसटी में संशोधन की मांग उठाई। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने समाधान योजना की सीमा डेढ़ करोड़ रुपये करने और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) को समाप्त करने की वकालत की है।
आईआईए के मंडल अध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि जीएसटी की विसंगतियों के कारण व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। छोटे उद्यमियों की पूंजी फंसी हुई है, जिससे कारोबार में परेशानी हो रही है। यदि सरकार ने हमारी मांगें नहीं सुनी तो व्यापार करना कठिन हो जाएगा। आईआईए वाराणसी चैप्टर के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि जिस तरह एक्साइज में डेढ़ करोड़ रुपये तक टर्नओवर की छूट थी, उसी तरह जीएसटी में भी होना चाहिए। जीएसटी की दरों में भी बदलाव की जरूरत है। अजीत सिंह बग्गा, राजकुमार शर्मा, प्रेम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने एक तरफ खनन पर रोक लगा रखी है, वहीं मिट्टी के ईंटों पर पांच फीसदी जीएसटी भी लागू कर दिया है। इस दौरान राकेश वर्मा, अशोक, अवधेश गुप्ता और प्रमोद अग्रहरि आदि मौजूद थे।