वाराणसी। मानचित्र पास कराने के लिए अब आपको न तो कार्यालयों के चक्कर काटने होंगे और न ही सुविधा शुल्क के लिए कोई आप पर दबाव बना पाएगा। विकास प्राधिकरण ने आम जनता की सहूलियत के लिए ‘सरलीकृत मानचित्र स्वीकृति कैंप’ लगाने की बड़ी पहल की है। पहला चौपाल कैंप 21 से 23 जुलाई तक लैंडमार्क टावर लालपुर फेस-1 में लगाया जाएगा। सिकरौल, शिवपुर और सारनाथ वार्ड के लिए आयोजित होने वाले इस कैंप में आवासीय और व्यावसायिक नवीन मानचित्रों की स्वीकृति के अलावा शमन शुल्क का निर्धारण और जमा करने की सुविधा मिलेगी।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देशन में जनता की सहूलियत के लिए यह पहल जल्द ही अन्य वार्डों में भी की जाएगी। सामान्य तौर पर नक्शा पास कराने के लिए पत्रावलियों की औपचारिकताएं पूरी करने और उनके एक-दूसरे टेबल से गुजरते हुए अफसरों के पास पहुंचने में महीने भर से अधिक का समय लग जाता है। कैंप में वीडीए के सभी अनुभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहेंगे। मानचित्र स्वीकृति, मानचित्र शुल्क और शमन शुल्क गणना तथा तत्काल मौका-मुआयना सहित अन्य संबंधित प्रक्रियाएं तत्काल की जा सकेंगी। शुल्क भुगतान के लिए कैश लेकर आने की भी जरूरत नहीं होगी। स्वाइप मशीन से क्रेडिट या डेबिट कार्ड से आसानी से भुगतान किया जा सकेगा। मशीन द्वारा शुल्क के वास्तविक मूल्य का ही भुगतान होगा। लिहाजा किसी तरह की अतिरिक्त रकम आपसे नहीं ली जा सकेगी।
ये कागजात जरूर लेकर आएं
प्राधिकरण अथवा प्राधिकरण से स्वीकृत भूखंड के लिए
-स्वामित्व/रजिस्ट्री की प्रति तथा प्राधिकरण भूखंड के लिए कब्जा पत्र
-आर्किटेक्ट/इंजीनियर से प्रस्तावित/शमन मानचित्र की चार प्रति
-शपथ पत्र इस आशय का कि प्रश्नगत भूमि/ भवन पर न्यायालयी अथवा प्राधिकरण से कोई वाद विचारधीन नहीं है
अन्य क्षेत्रों के भूखंड के लिए
-स्वामित्व/रजिस्ट्री की स्वप्रमाणित दो प्रति, खसरा/खतौनी दो प्रति
-आर्किटेक्ट/इंजीनियर से प्रस्तावित-शमन मानचित्र की पांच प्रति ।
-शपथ पत्र इस आशय का कि प्रश्नगत भूमि भवन पर न्यायालयी अथवा प्राधिकरण से कोई वाद विचारधीन नहीं है।