शहर के सकलेनाबाद स्थित दुर्गा मंदिर के पास जर्जर सड़क पर लगे बारिश के पानी से होकर आवागमन करते
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गाजीपुर। जिले में करीब 15 घंटे की बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं सड़कों और एक दर्जन मोहल्लों में पानी भरने से दुश्वारियां बढ़ गईं। मंगलवार की रात दस बजे से शुरू हुई बारिश बुधवार की सुबह 11 बजे तक कभी तेज तो कभी धीमी गति से होती रही। पूरे जनपद में 20.57 मिमी बारिश हुई, जिसमें सबसे अधिक बारिश मुहम्मदाबाद में 35 मिमी दर्ज की गई। आपदा विशेषज्ञ कलेक्ट्रेट अशोक कुमार के मुताबिक 14 अगस्त को भी जनपद में तेज हवा, बिजली गिरने संभावना होने का अलर्ट जारी किया गया है।
तीन- चार दिनों से उमस भरी गर्मी से आमजन काफी परेशान थे। इसी बीच रात करीब दस बजे से बूंदाबांदी शुरू हो गई। कभी तेज तो कभी धीमी गति से बारिश होती रही। सुबह 11 बजे तक यहीं रफ्तार बनी हुई थी। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर नगर क्षेत्र के नाले और नालियां ओवरफ्लो हो गई। सड़कों पर जगह- जगह पानी लग गया। सहकारी कॉलोनी आमघाट में नाले व नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा। वहीं सिटी स्कूल के खेल मैदान और तालाब से पानी ओवरफ्लो होकर मिश्रबाजार में सड़क पर बह रहा था। जबकि सरकारी विभागों को जाने वाली सड़क भी बारिश के पानी से भरा रहा। वहीं चंदननगर, मिश्रौलियां, जलनिगम रोड, रौजा, शहरी गोड़ा सहित एक दर्जन मोहल्लों में बारिश का पानी लग गया, जिससे लोगों को आवागमन करने में काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ा। उधर, बिरनो के भड़सर पुलिस चौकी के पास गाजीपुर- मऊ फोरलेन के बगल में सर्विस रोड पर अधूरे नाले के निर्माण के चलते बारिश के पानी से सर्विस रोड ही भर गया। ऐसे में आवागमन करने वाले लोग उस मार्ग पर जाने से परहेज करते दिखाई पड़े। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के मौसम विद कपिल देव शर्मा ने बताया कि अगले 5 दिन बादल छाए रहने की संभावना है। साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेंटीग्रेड व न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है। पश्चमी हवा औसत 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा से चलने की उम्मीद है।
किस तहसील में कितने मिमी हुई बारिश
मुहम्मदाबाद-35
सदर-32
सेवराई-29
सैदपुुर-18
जखनिया-15
कासिमाबाद-12
जमानिया-3
कटान में समा गई कृषि योग्य भूमि-गाजीपुर। शेरपुर के मुबारकपुर से गहमर बाण तक एक किलोमीटर कटान हो रही है। बुधवार को गंगा की कटान एक बीघे के करीब कृषि योग्य भूमि नदी में समा गई। शेरपुर ग्राम पंचायत के सभी ग्रामों मजरों में हर ओर अभी भी बाढ़ का पानी जमा है। घास फसल सड़क के कारण दुर्गंध होे लगी है। ग्रामीणों को संक्रामक रोग होने का भय सता रहा है।