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गणतंत्र दिवस पर 272 सजायाफ्ता बंदियों की समय पूर्व रिहाई संभव

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वाराणसी। इस बार का गणतंत्र दिवस पर आजीवन सजा काट रहे 272 सजायाफ्ता बंदियों को रिहाई मिल सकती है। जेल में रहते हुए अच्छे चाल चलन और अपराध की गंभीरता के आधार पर इन बंदियों को दया याचिका की सूची में रखा गया है। यह सूची राज्यपाल को प्रेषित की गई है। वहां से संस्तुति मिलने के बाद इन्हें 26 जनवरी को रिहा कर दिया जाएगा।
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संविधान के अनुछेद 161 के तहत सजायाफ्ता बंदियों को समयपूर्व रिहाई का अधिकार राज्यपाल को है। लेकिन इसके लिये कुछ मानक तय हैं। जिसमें नरसंहार और सामूहिक हत्या जैसी जघंन्य वारदात को अंजाम देने के मामले में दोषसिद्ध बंदियों को शामिल नहीं किया गया है। इसी कड़ी में इस बार गणतंत्र दिवस पर दया याचिका के आधार पर समय पूर्व दोषसिद्ध बंदियों के रिहाई की कवायद चल रही है। इसमें उम्रकैद की सजा काट रहे 16 वर्ष से अधिक के सजायाफ्ता बंदियों को लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिये कारागार विभाग के आदेश पर 272 दोषसिद्ध बंदियों की सूची उनके अपराध की गंभीरता को देखते हुए तैयार की गई है। इसमें केंद्रीय कारागार वाराणसी के 270, भदोही(ज्ञानपुर) और गाजीपुर जिला जेल में बंद एक-एक बंदी शामिल हैं। ये सभी हत्या के मामले में आजीवन सजा पाये हैं और 16 वर्ष से अधिक की सजा काट चुके हैं। डीआईजी जेल वीएस यादव ने बताया कि आजीवन सजा पाये इन सभी दोषसिद्ध बंदियों की सूची राज्यपाल को भेजी गई है।
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