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गंगा जल मस्तक पर लगा बोलीं धन्य हुआ जीवन

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मिर्जापुर/वाराणसी। मिर्जापुर जिले के नक्सल प्रभावित पांच गांवों की 75 महिलाएं रविवार को काशी दर्शन करने आईं। कई घाटों का भ्रमण करने के बाद मां गंगा और संकट मोचन मंदिर में उन्होंने दर्शन-पूजन किया।
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नक्सल क्षेत्र की 75 महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत काशी भ्रमण पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक विपिन मिश्रा ने ग्रीन ग्रुप की महिलाओं की टोली को रविवार की दोपहर दो बसों से हरी झंडी दिखाकर वाराणसी रवाना किया। होप संस्था और मिर्जापुर पुलिस के सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्र राजगढ़, पुनरिया, भवानीपुर, पुड़ी, धनसेरिया से ग्रीन ग्रुप की महिलाएं काशी दर्शन के लिए पहुंची। संस्था के दिव्यांशु उपाध्याय के नेतृत्व में रविवार दोपहर वह अस्सी घाट पहुंची तो उनकी खुशी देखते बन रहीं थीं। गंगाजल स्पर्श कर मस्तक पर लगाया और माता गंगा की जयकार की। इसके बाद तुलसी घाट, वीर भद्रमिश्र घाट, भदैनी घाट, जैन घाट, प्रभु घाट, मां आनंदमयी घाट, निषादराज घाट सहित अन्य घाटों का भ्रमण किया। संस्था के सदस्यों ने उन्हें घाटों के इतिहास के बारे बताया। क्रूज और बड़ी नावों को देखकर महिलाएं काफी उत्साहित नजर आईं।
इसके बाद उन्होंने संकट मोचन मंदिर में दर्शन किया। एक साथ हरी साड़ियों में इन महिलाओं को देख लोग उनके बारे में जानकारी ले रहे थे। पहली बार काशी दर्शन के लिए आईं वृद्ध मालती देवी, उमा देवी, सरिता देवी समेत सभी महिलाओं ने कहा कि जो उन्होंने सपने में नहीं सोचा था, उसे बेगाना होकर बेटे की तरह इन संस्था के लोगों ने पूरा करा दिया। काशी दर्शन से हमारा जीवन धन्य हो गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि काशी भ्रमण कर अनुभव प्राप्त करने व वापस आकर क्षेत्र की महिलाओं को अपने अनुभवों के माध्यम से नक्सल उन्मूलन में पुलिस के सहयोग के लिए महिलाओं को चयनित किया गया था। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक मड़िहान विजय शंकर सिंह पटेल, पीआरओ प्रवीण कुमार सिंह, प्रतिसार निरीक्षक गोरख नाथ सिंह, निरीक्षक यातायात कृष्णानंद राय के साथ ही होप संस्था के दिव्यांशु उपाध्याय व सहयोगियों सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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यह काम करती हैं ग्रीन ग्रुप की ये महिलाएं
गांव में नशा और जुआ का विरोध करती हैं। बच्ची के जन्म पर उत्सव मनाती हैं। साथ ही ऐसा करने को प्रेरित करती हैं। गांव के विकास के लिए मुखर रहती हैं।
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