रामनगर। लंका में वानर सेना और राक्षसों के बीच महासंग्राम जारी है। संजीवनी बूटी से लक्ष्मण ठीक हो गये हैं, यह समाचार पाकर रावण व्याकुल हो जाता है। गहरी नींद सोये कुंभकर्ण को युद्ध के लिए जगाने के रावण काफी प्रयास करता है। जागने पर उसे खाने के लिए उन्मादक वस्तुएं दी जाती हैं। कुंभकर्ण सवाल करता है कि बताओ भाई क्या हुआ है? तुम्हारा मुंह भय से क्यों सूखा हुआ है? मुझे क्यों जगाया है?
रामनगर की रामलीला में मंगलवार को लंका मैदान में कुंभकरण युद्ध, मेघनाद वध, नागपाश और यज्ञ की लीला की गई। मैदान लीला-प्रेमियों और साधु संतों से खचाखच भरा था। रावण जब सारा वृतांत बताता है तो कुंभकर्ण भाई को धिक्कारता है कि राम से वैर लेकर तुमने अच्छा नहीं किया। मगर भाई के लिए वह रणभूमि में पहुंचता है। विशालकाय कुंभकर्ण को देखकर वानर और भालू व्याकुल हो जाते हैं। सेना को व्याकुल देखकर प्रभु राम युद्ध करने आते हैं और कुंभकर्ण को मार गिराते हैं। भाई की मृत्यु का समाचार पाकर रावण रोने लगता है। पुत्र मेघनाद उसे सांत्वना देकर खुद युद्ध के लिए मैदान में आता है। माया रथ पर सवार मेघनाथ श्री राम को नागपाश में बांध देता है। गरुड़ नागपाश को काट देते हैं। तब श्री राम वाण मारकर मेघनाद को मूर्छित कर देते हैं। मूर्छा टूटने पर वह यज्ञ करने जाता है। लक्ष्मण यज्ञस्थल पर पहुंचकर उसका वध कर देते हैं। हनुमान उसका शव उठा कर लंका के द्वार पर रख आते हैं। रावण यह देख बेहोश हो जाता है। मूर्छा टूटने पर कहता है कि सब ब्रह्मा का प्रपंच है। संसार नाशवान है। यहीं पर आरती के बाद लीला को विश्राम दिया जाता है।
विजय जुलूस गुरुवार को
श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में काशीराज के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह का विजय जुलूस गुरुवार को निकलेगा। इसी दिन रात में रावण जलाया जाएगा। दशहरा यानी 19 तारीख को जब काशीराज का विजय जुलूस निकलता तो दशमी तिथि नहीं मिल पा रही थी। उनका जुलूस साढ़े तीन बजे निकलता है। ऐसे में 18 तारीख को ही विजय जुलूस निकाला जाएगा। इसी दिन किले में दरबार सजेगा और रात में रावण को जलाया जाएगा। एक दिन पीछे चल रही रामलीला भी बुधवार को समायोजित कर ली जाएगी। श्रीराम और रावण के बीच युद्ध के दो दिनों की लीला एक ही दिन यानी बुधवार को करा कर लीला को क्रम में डाल दिया जाएगा। गुरुवार को विजय जुलूस रामनगर किले से साढ़े तीन बजे निकलेगा। काशी राज के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह दोपहर दो बजे से शस्त्र पूजन शुरू करेंगे।