ज्ञानपुर। फसलों को नुकसान पहुंचा कर किसानों को तबाह कर रहे छुट्टा पशुओं के रोकथाम के लिए प्रशासन गंभीर हो गया है। कब्जा किए गए चारागाहों को मुक्त कराया जाएगा। साथ ही नए चारागाह बनाकर उनके छुट्टा पशुओं को रखा जाएगा। शासन के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग और कृषि विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
छुट्टा पशु किसानों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। हजारों पशुओं के अलग-अलग झुंड खेतों में दिन-रात धमाचौकड़ी करते हुए फसलें बर्बाद कर रहे हैं। कर्ज में खाद-बीज लेकर और दिनरात कड़ी मेहनत कर किसान किसी तरह फसल तैयार करते हैं लेकिन उनकी छुट्टा पशु उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देते हैं। जिले के डीघ, सुरियावां, चौरी, औराई समेत अन्य तमाम हिस्सों में छुट्टा पशु बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे परेशान किसान कई बार जिला प्रशासन ही नहीं, प्रदेश सरकार तक से गुहार लगा चुके हैं। पिछले दिनों प्रमुख सचिव की बैठक में पशु चिकित्सा विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। इस पर प्रमुख सचिव ने छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए निर्देश दिया। उन्होंने पुराने चारागाह को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनर्जीवित करने और नए चारागाह विकसित कर छुट्टा पशुओं की रोकथाम करने को कहा। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर पुराने चारागाहों को कब्जामुक्त कराने और नए चारागाह बनाने करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। छुट्टा मवेशियों को चारागाहों में रखा जाएगा। पशुओं का गोबर एनजीओ को बेचकर उनके लिए चारा-पानी का प्रबंध किया जाएगा।