वाराणसी। पुलिस और प्रशासन की सख्ती बढ़ी तो चाइनीज मंझा की कालाबाजारी शुरू हो गई। दालमंडी में हुई कार्रवाई के बाद शुक्रवार को सभी प्रमुख बाजारों में दुकानों से चाइनीज मंझा गायब हो गया है। कारोबारियों ने ठिकाना बदल कर अब चोरी-छिपे गलियों से माल बेचना शुरू कर दिया है। यही नहीं, मंझा के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो कारोबारियों के गोदामों में करोड़ों रुपये का मंझा डंप है। यहां से पूरे पूर्वांचल को सप्लाई होती है।
सिगरा, औरंगाबाद, दालमंडी, हड़हा सराय, लंका, सुंदरपुर और वरुणापार के अर्दली बाजार, पांडेयपुर आदि इलाकों के शुक्रवार को पतंग और मंझा बेचने वाले नहीं दिखे। लोगों से पूछने पर पता चला कि कुछ दिन के लिए दुकानें बंद कर दी हैं और कुछ लोगों ने अपनी दुकानें अंदर गलियों में या फिर बाजार से दूर शिफ्ट कर दिया है। प्रहलाद घाट, भदऊ चुंगी, कोनिया, आदमपुर, पठानी टोला, छोहरा, पीलीकोठी समेत आसपास के इलाकों में चाइनीज मंझा बेचे जाने की शिकायतें मिली हैं। कारोबारियों की मानें तो बाजार में 90 प्रतिशत से ज्यादा चाइनीज मंझा ही बिक रहा है। सबसे ज्यादा कारोबार इसी सीजन में होता है।