वाराणसी। शहर की नई सरकार के लिए जगह की दरकार है। जी हां, नगर निगम की नवनिर्वाचित सदन कहां संचालित होगी, इसे लेकर निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। नगर निगम के मौजूदा सदन के अलावा महापौर कक्ष को जापान सरकार के सहयोग से बनने वाले कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए तोड़ा जा रहा है। महापौर कक्ष तो वहीं पास में स्थानांतरित करने की तैयारियां हैं लेकिन सदन कहां संचालित हो, इसका हल अब तक नहीं तलाशा जा सका है। फिलहाल चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा। नवगठित सदन की पहली बैठक भी यहीं होगी।
दरअसल, ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी की स्मृति में सांस्कृतिक संकुल के विस्तार और विकास के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर वीडीए की ओर से 47 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। माना जा रहा है कि दो-एक महीने में प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। फिर इसका कार्य शुरू होने पर संकुल भी खाली नहीं रह जाएगा। ऐसी स्थिति में नगर निगम सदन के लिए नई जगह तलाशनी होगी। निगम प्रशासन के मुताबिक मामला शासन और उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सदन के संचालन के नजरिए से जरूरी सुविधाओं और पर्याप्त जगह की उपलब्धता के लिहाज से तलाश जारी है। महीने भर के अंदर इसका चयन कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि मौजूदा नगर निगम सदन और प्रेक्षागृह की जगह जापान सरकार के सहयोग से बनने वाले कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए पहले ही निर्धारित हो चुकी है। कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शुरू कराने के लिए सदन और प्रेक्षागृह को तोड़ने का काम जारी है। वहीं, निगम सदन की नई बिल्डिंग के लिए सिगरा स्टेडियम के मुख्य द्वार के सामने जगह निर्धारित की जा चुकी है लेकिन इसकी औपचारिकताएं और नए भवन का निर्माण पूरा होने में कम से कम तीन साल लग जाएंगे। ऐसी स्थिति तीन साल तक निगम सदन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ही संचालित की जानी है।