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प्रशासन का दावा संघर्ष समिति की जारी सीडी फर्जी

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वाराणसी। बीएचयू में शिक्षकों की चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एससी, एसटी एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति की ओर से जारी की गई तथाकथित सीडी पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सवाल खड़ा किया है। एपीआरओ ने दावा किया है कि यह सीडी फर्जी है और इसमें नियुक्ति प्रक्रिया नहीं बल्कि काउंसलिंग प्रक्रिया के समय की तस्वीर है। साथ ही मामले में विधि सम्मत कार्रवाई कराने की भी बात चल रही है। उधर समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर के धनवंतरि भवन परिसर में बैठक कर मामले में आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
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अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के सदस्यों ने बुधवार को लंका स्थित स्वयंवर वाटिका में प्रेस कांफ्रेंस कर नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किया था। इस दौरान उन्होंने सीडी जारी की थी, जिसमें सामाजिक विज्ञान संकाय की एक महिला प्रोफेसर के साथ कुछ आवेदकों और शोध छात्रों द्वारा आवेदन पत्रों की जांच करने की कथित वीडियो रिकार्डिंग है। एपीआरओ डॉ. राजेश सिंह के मुताबिक समिति के सदस्यों की ओर से जारी सीडी फर्जी है। कहा कि बीएचयू के नाम से बनाई जाने वाली समिति की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन के पास भी नहीं है। कहा कि मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन विधि सम्मत कार्रवाई कराने की तैयारी में है। उधर धनवंतरि भवन परिसर में बैठक कर समिति के सदस्यों ने नियुक्ति प्रकरण में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। सदस्यों में वरुण ने बताया कि न्याय न मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा और मामले पर जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर अपील की जाएगी।
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