वाराणसी। राजस्व वृद्धि के लिए नगर निगम सीमा का विस्तार जरूरी है। यह बात राजस्व परिषद के प्रमुख सचिव और जिले के नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दूबे ने गुरुवार को मंडलीय अनुश्रवण कक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भू माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनके कब्जे से सरकारी जमीन खाली कराई जाए। सिंचाई, पीडब्लूडी, वन, स्वास्थ्य और नगर निगम की विभागीय जमीन पर अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाया जाए।डॉ. दूबे ने कहा कि अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन आमजन की संतुष्टि के आधार पर किया जाएगा। अधिकारी कार्यालय में न बैठकर अपने क्षेत्र में निकलें। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान आबकारी एवं स्टांप रजिस्ट्रेशन की वसूली संतोषजनक न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान पुराने वादों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त तिथियां निर्धारित कर सुनवाई करने को कहा। निर्माणाधीन ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश सीडीओ को दिया। कहा कि हृदय और आईपीडीएस के काम की विशेष निगरानी हो। बैठक में डीएम योगेश्वर राम मिश्रा, एसएसपी आरके भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की जांच के लिए पांच टीम गठित
प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दूबे ने डीएम को निर्माणाधीन परियोजनाओं की जांच के लिए पांच स्क्वॉड टीमों के गठन का निर्देश दिया। मंडुवाडीह आरओबी और बलुवा घाट पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश सेतु निगम के अधिकारियों को देते हुए कहा कि स्क्वॉड टीम के अधिकारी परियोजनाओं की निरंतर निगरानी करेंगे। जहां जितने धन की आवश्यकता हो, सरकार मुहैया कराएगी।
ट्रेड फैसिलिटी सेंटर में मिली खामियों पर जताई नाराजगी
वाराणसी। वस्त्र मंत्रालय के सचिव अनंत कुमार सिंह गुरुवार को अचानक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ट्रेड फैसिलिटी एवं कॉमन सेंटर का निरीक्षण करने पहुंच गए। वह लगभग तीन घंटे तक वहां रहे। इस दौरान उन्हें कई खामियां नजर आई जिसको लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को न केवल जमकर फटकार लगाई बल्कि बिंदुवार कामों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
सेंटर में मिली कमियों को देखकर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उद्घाटन के लिए भला पीएम को कैसे बुलाया जा सकता है। उन्होंने एक स्थान पर फर्श पर पानी डलवाकर देखा कि क्या फर्श में ढलान है और पानी निकल सकता है, पर ऐसा नहीं हुआ। अधिकारी इस पर चुप्पी साधे रहे। सेंटर के अंदर बनी दूकानों के दरवाजों में बड़े गैप देखकर उन्होंने इसे अफसरशाही का नतीजा बताया। उन्होंने सेंटर के अंदर लगे पत्थरों के अभी से धुंधले पड़ने पर भी सवाल उठाए। कहा कि जब यह अभी से धुंधले नजर आ रहे हैं तो इन्हें राजस्थान से मंगाने की क्या जरूरत थी। इससे अच्छा तो चुनार के पत्थर लगा लेते। उन्होंने कहा कि अभी बहुत सी कमियां हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि अभी काफी काम बाकी है। उन्होंने काम में देरी पर भी नाराजगी जताई। कहा कि एक-एक बिंदुओं को परख कर पूरा करें। उन्होंने काम की गुणवत्ता को लेकर चेतावनी भी दी।