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बैक पेपर परीक्षा के लिए अनशन

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वाराणसी। काशी विद्यापीठ में बैक पेपर परीक्षा खत्म कर दिए जाने से छात्रों में गहरी नाराजगी है। विश्वविद्यालय में फिर से बैक पेपर परीक्षा की बहाली के लिए छात्र लामबंद हो गए हैं। सोमवार को 15 से 20 छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे रहे। छह छात्रों ने अनशन शुरू कर दिया है।
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छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित को नजरअंदाज कर बैक पेपर परीक्षा की व्यवस्था खत्म कर दिया है। अनशन पर बैठे शशांक सिंह रघुवंशी, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व छात्रसंघ महामंत्री नीरज कुमार पांडेय, पुस्तकालय मंत्री अमित यादव, शिवशंकर चौहान और सुजल सिंह का कहना है कि जब तक बैक पेपर की व्यवस्था पुन: बहान नहीं की जाती, वे अनशन पर रहेंगे। चीफ प्राक्टर प्रो. सभाजीत सिंह को उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा। देर शाम तक इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। धरने में धनंजय यादव, अंगद यादव, गोलू सिंह, अभिनव वर्मा, शशिकेश तिवारी, दीपक यादव, विशाल सिंह, आशीष यादव, सुशील आदि मौजूद रहे।
प्रवेश परीक्षा निरस्त कराने को योगी से मिलेंगे
वाराणसी। काशी विद्यापीठ की एलएलबी की प्रवेश परीक्षा निरस्त कराने के लिए छात्रनेता मंगलवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेंगे। सोमवार को विद्यापीठ रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता में छात्रनेता रविभान सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा डिबार स्कूल को प्रवेश परीक्षा का केंद्र बनाया गया। केंद्र पर नकल हुई। शिकायत के बावजूद परिणाम घोषित कर दिया गया। छात्रों के विरोध के बाद शनिवार को जांच होने तक दाखिले पर तो रोक लगा दी गई है लेकिन परीक्षा निरस्त नहीं की गई। राघवेंद्र केशरी ने बताया कि प्रवेश परीक्षा निरस्त कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग के लिए मंगलवार को छात्रनेता राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेंगे।
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