वाराणसी। भ्रष्टाचार के मामले में जिला जेल में बंद एआरटीओ आरएस यादव के सहयोगी धनजी और शिव बहादुर को बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट डॉ. एके सिंह की अदालत में पेश किया गया। पहले से जिला जेल में बंद इन दोनों आरोपियों की चंदौली के अलीनगर थाने में दर्ज मुकदमे में अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड बनाई। वहीं, चंदौली कोतवाली में उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे में धाराएं भी बढ़ाईं। पेशी के बाद दोनों आरोपियों को लेकर पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच वापस जिला जेल लौट गई।
बता दें कि चंदौली जनपद के क्षेत्राधिकारी सदर त्रिपुरारी पांडेय ने दोनों आरोपियों धनजी यादव और शिव बहादुर को एक ट्रक चालक से जबरन पैसा वसूलने के आरोप में पकड़ा था। जिसके बाद उनके खिलाफ चंदौली कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मामले में आरएस यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके कुछ दिनों बाद कागजात छीनने, लूट और धमकी के आरोप में अलीनगर थाने में भी तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में न्यायिक रिमांड बनाने के लिए दोनों को अदालत में तलब किया गया था। इस मामले में आरएस यादव की पेशी मंगलवार को ही हो चुकी है। अदालत ने न्यायिक रिमांड बनाते हुए आरएस को भी 14 दिन के लिए जेल भेज दिया था।
आरएस की एक और संपत्ति का पता चला
वाराणसी। आरएस यादव की एक और संपत्ति के बारे में जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि आशापुर में एनआरएल पेट्रोल पंप के पास 17 बिस्वे का उसका एक प्लाट है। वाराणसी-गाजीपुर मार्ग स्थित इस प्लाट की कीमत करोड़ों में है। यह प्लाट आरएस यादव के चचेरे भाई गोरखपुर के डमुरी, तिवरान निवासी राजमन यादव के नाम से है। जांच एजेंसियों का दावा है कि प्लाट में आरएस यादव का पैसा लगा है। सीओ चकिया प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि जमीन के कागजात की जांच की जा रही है।