औराई/लालानगर(भदोही)। सूबे में निजाम बदलने के बाद बंद पड़े कल-कारखानों को दोबारा चलाने की मंशा के चलते औराई चीनी मिल के दिन बहुरने के आसार बढ़ गए हैं। शुक्रवार को विंध्याचल मंडल कमिश्नर और डीआईजी ने भदोही जिले के डीएम और एसपी के साथ औराई चीनी मिल और गोपीगंज के कंबल कारखाने का निरीक्षण कर उन्हें चलाने की संभावनाओं पर मंथन किया। उनके साथ भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह भी थे। औराई चीनी मिल को जहां नए सिरे से चलाने की योजना के लिए विकल्प तलाशे गए, वहीं 2010 से बंद चल रहे कंबल कारखाने को पूरा उत्पादन पर लेने के लिए योजना बनाई गई।
चार जून को मिर्जापुर में मंडल की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औराई चीनी मिल को चलाने के के सभी विकल्पों पर विचार कर प्रशासन से सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। इसके मद्देनजर शुक्रवार को सांसद वीरेंद्र सिंह के साथ विंध्याचल कमिश्नर मुरली मनोहर लाल, डीआईजी रतन कुमार, जिलाधिकारी विशाख जी और पुलिस कप्तान सचींद्र पटेल विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ औराई चीनी मिल पहुंचे। उनके साथ सुल्तानपुर चीनी मिल के जीएम और औराई चीनी मिल के प्रभारी केपी शुक्ला भी थे। अधिकारियों ने मिल के अंदर और बाहर के कल-पुर्जों को देखा। कमिश्नर ने प्रभारी मैनेजर से मिल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मिल की ट्रॉली, टरबाइन, रोला और कुछ मोटरें समेत कई पार्ट्स सुल्तानपुर और कानपुर चीनी मिलों को चले गए हैं। जबकि कुछ कल पुर्जे खराब हो गए हैं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों से पूछा कि मिल को कैसे चलाया जाए। इस पर किसानों ने कहा कि मिल के खराब हो चुके कल-पुर्जे को बदला जाए और किसानों का भुगतान मिल के काउंटर से ही किया जाए। बता दें कि पिछली बार बैंक से भुगतान के चलते परेशान किसानों ने धीरे-धीरे गन्ने की खेती कम कर दी और मिल बंद हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने गोपीगंज कंबल कारखाने का भी जायजा लिया। बता दें कि कंबल कारखाने को पिछले साल चालू कर दिया गया था, लेकिन अभी यहां पूरी क्षमता के साथ उत्पादन नहीं हो रहा है। अभी कई मशीनें लगाई जानी बाकी हैं। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहर लाल ने बताया कि कंबल कारखाने को और परिष्कृत करने के लिए पांच लाख रुपये की धनराशि शासन से मिल चुकी है। निरीक्षण के बाद कमिश्नरं ने लालानगर अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक की।
बंद पड़ी चीनी मिल को नए सिरे से चलाने या उसके उसके जीर्णोद्धार के लिए विकल्प एकत्र किए जा रहे हैं। इसके लिए निरीक्षण किया गया। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
विशाख जी, जिलाधिकारी