वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में ऑपरेशन के बाद 24 घंटे के भीतर तीन मरीजों की मौत और आठ मरीजों की हालत खराब होने से खलबली मच गई है। ऑपरेशन के बाद जिन मरीजों की हालत बिगड़ी थी, उनमें छह अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें एक वेंटिलेटर पर है। अस्पताल प्रशासन ने अभी तक इन मौतों की वजह नहीं बताई है। चिकित्सा अधीक्षक ने तीन मौतों की पुष्टि करते हुए इसका कारण बेहोशी के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन आईसोफ्लोरेन की गुणवत्ता सही न होने और ओवरडोज होने की आशंका जताई है। इसके अलावा नाइट्रस आक्साइड गैस में गड़बड़ी की आशंका के कारण उसे सील करा दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी। इस बीच बेहोश कर किए जाने वाले सभी ऑपरेशन 10 जून तक बंद कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि छह जून की रात 11:55 बजे अस्पताल की ओटी में राधेश्याम त्रिपाठी (56) के यूरोलॉजी कैंसर का ऑपरेशन किया गया जबकि सात जून को शाम चार बजे मिराज अहमद (40) की किडनी की पथरी और रात 11:20 बजे आरती देवी (45) के ब्रेस्ट कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। इन तीनों मरीजों की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद मरम्मत के नाम पर आठ और नौ जून को दो दिन के लिए सभी 23 ऑपरेशन थिएटर बंद कर दिए गए थे। गुरुवार सुबह से रात 11 बजे तक कोई ऑपरेशन नहीं हुआ।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने गुरुवार दोपहर आपात बैठक की। शाम को कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह अस्पताल पहुंचे। बाद में देर रात कुलपति ने अस्पताल के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक के बाद जनरल सर्जरी शुरू हो गई। इस बीच कमिश्नर ने सीएमओ को जिले के मंडलीय, जिला अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया है।