पुलिस तीनों बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास में जुटी हुई थी। दबिश देने के दौरान बीते 21 नवंबर की सुबह वाजिदपुर में रिंग रोड के समीप पुलिस से तीनों बदमाशों का आमना-सामना हुआ था। मुठभेड़ में बिहार का कुख्यात बदमाश मनीष सिंह और रजनीश सिंह उर्फ बऊआ सिंह मारा गया था।
मारे गए दोनों बदमाशों का सगा भाई लल्लन सिंह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। अब उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। इस मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को डीजीपी डीएस चौहान की संस्तुति पर प्रदेश सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
मुठभेड़ के दौरान चकमा देकर भागे एक लाख के इनामी बदमाश लल्लन सिंह का पता वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस दो माह बाद भी नहीं लगा सकी। वाराणसी में लल्लन और उसके दोनों भाइयों को शरण देने वालों और उनके करीबियों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लल्लन पर कार्रवाई के संबंध में पूछे जाने पर पुलिस की ओर से यही जवाब मिलता है कि उसकी तलाश में बिहार में दबिश दी जा रही है, लेकिन उसका पता नहीं लग पा रहा है।