अधिकारियों के मुताबिक बरामद हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक महंगा और अधिक नशीला होता है। इसकी खेती विशेष तकनीक से नियंत्रित वातावरण में की जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी काफी मांग रहती है। यही वजह है कि इसकी तस्करी संगठित नेटवर्क के जरिये की जाती है।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले संदिग्ध यात्रियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रख रही हैं। मामले में पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राजस्व खुफिया निदेशालय और कस्टम विभाग आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटे हैं कि खेप किसके लिए लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।