विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण दीनानाथ की अदालत ने जानलेवा हमले के मामले में एक पक्ष के नौ और दूसरे पक्ष के 11 आरोपियों को दोषी पाया। 5 वर्ष की सजा के साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा में 15 मई 1998 को दो पक्षों में ताजिये को लेकर हथियारों और लाठी-डंडे से मारपीट हो गई थी। इसी मामले से जुड़े क्रॉस केस में कहा गया कि इमामबाड़े के कमरे का ताला तोड़कर कब्जा करने को लेकर विवाद हुआ था। कई अभियुक्तों का कहना था कि वह 60 वर्ष से ऊपर के हैं। ऐसे में सजा में नरमी बरतने का अनुरोध किया गया था।
महिला समेत 3 की जमानत अर्जी खारिज
हत्या के मामले में जिला जज संजीव पांडेय की अदालत ने महिला समेत तीन की जमानत की अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। वादी प्रकाश के अनुसार, 12 जून 2024 की सुबह पुश्तैनी मकान की साफ-सफाई कर रहा था। इस बीच पड़ोसी गोविंद दूबे व राजा दूबे ने रंजिश में मारपीट की। बाद में विपक्षी की मां आशा दूबे, बहन राधा दूबे के ललकारने पर 10-12 नकाबपोश ने धारदार हथियार से हमला कर दिया।
चाचा मुन्नीलाल व चचेरे भाई कमलेश का सिर फट गया और दोनों अचेत होकर मौके पर गिर गए। वादी व उसके छोटे चाचा चंद्रभूषण को भी चोटें आईं। चाचा मुन्नी लाल को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में सात चोटें दिखाई गईं। बेनीपुर (महेशपट्टी) मिर्जामुराद निवासी आरोपी आशा देवी, शुभ चतुर्वेदी व अंकित चौबे की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी गई।