राजातालाब तहसील क्षेत्र में प्रशासन की भारी लापरवाही सामने आई है। यहां के 199 गांवों का बंदोबस्ती नक्शा रिकॉर्ड रूम में नष्ट हो गया है। नक्शे के अभाव में उन गांवों की जमीन के सीमांकन का काम नहीं हो पा रहा है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि नक्शा न होने का फायदा भू-माफि या और कालोनाइजर उठा सकते हैं जो उन गांवों में प्लाटिंग का काम कर रहे हैं। वहीं प्रशासनिक अफसर अभी तक इस दिशा में मौन साधे हैं।
बंदोबस्ती नक्शे से गांवों के जमीनों की वास्तविक स्थिति का पता आसानी से चल जाता है कि किसकी जमीन कहां पर है। मगर 199 गांवों के नक्शे नष्ट हो जाने से लोगों को इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि उन्हें अपने जमीन की वास्तविक स्थिति का भी पता नहीं चल पा रहा है। वहीं जमीन के खरीदारों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कारण खेतों के सीमांकन के लिए बंदोबस्ती नक्शा ही विधि मान्य है और इसके न होने से जमीन की सही स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड रूम में कास्तकारों द्वारा बार-बार नक्शे को देखने के लिए फाइल को पलटा जा रहा है। कागज अधिक पुराना होने के कारण नष्ट हो गया होगा।
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क्या असर पड़ेगा
बंदोबस्ती नक्शा नहीं रहने से धारा 41 (पक्की पैमाइश) के मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पाएगा। उक्त धारा के मुकदमों का निस्तारण बंदोबस्ती नक्शे के वगैर संभव नहीं है।
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राजस्व परिषद से मंगाई जाएगी डुप्लीकेट कॉपी
नक्शे फटने और नष्ट होने की सूचना राजस्व परिषद को भेज दी गई है। वहां से नक्शे की डुप्लीकेट कॉपी मिलने के बाद तहसील में रखवा दी जाएगी ताकि लोगों को अपनी जमीन के बारे में आसानी से जानकारी मिल सके। - विमल दूबे, तहसीलदार राजातालाब।