वाराणसी। लंका से अस्सी की तरफ कांग्रेस का काफिला मुड़ा ही था कि प्रियंका गंाधी ने असि नदी पर लगे परदे की दीवार के बारे में पूछा। पूर्व विधायक अजय राय ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर इसे ढंका गया है। नीचे असि नदी है जो अब नाले में बदल चुकी है। इसका पानी सीधे गंगा में गिरता है। यह सुनते ही वह रथ से नीचें उतर पड़ीं। मौके पर मौजूद लोगों ने प्रियंका से असि का दर्द सुनाया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि वह नदी के पुराने व पूर्ण स्वरूप के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।
प्रियंका गांधी स्थानीय लोगों के साथ नदी के किनारे गईं। नाले में तब्दील हो चुकी नदी की दयनीय स्थिति देखी। उन्होंने असि नदी के पानी को बोतल में भरवाया। उन्होंने बोतल में भरे हुए गंदे पानी को दिखाते हुए कहा कि यह सरकार की गंगा सफाई का सच है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि असि नदी को पुराने स्वरूप में लाने का हरसंभव प्रयास करेंगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब भी बड़े नेता इस मार्ग से गुजरते हैं तो नदी की खस्त हालत को लोगाें की नजर में आने से बचाने के लिए पुलिया को चांदनी या पर्दों से घेर दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के दौरान भी यही किया गया था। इस बार भी पर्दे लगाए गए थे पर प्रदर्शन की वजह से इसे छिपाया नहीं जा सका।
मालपुआ का स्वाद लिया
अस्सी स्थित कांग्रेस के पूर्व पार्षद गोविंद शर्मा के मकान पर फूलमालाओं से स्वागत किया गया। उन्होंने समर्थकों से हाथ मिलाया और हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। उनकी तरफ बढ़ाए गए मालपुए की प्लेट को उन्होंने अपने हाथ में लेकर इसका स्वाद चखा।
जब देव स्वरूपों मिलने के लिए वाहन से उतरी प्रियंका
भदैनी पर कांग्रेस की महिला विंग ने प्रियंका गांधी का जोरदार स्वागत किया। यहां देव स्वरूपों में खड़े बच्चों को देखकर प्रियंका खुद को रोक नहीं सकीं और उनके बीच पहुंच गई। इससे बच्चे उत्साहित हो गए। शिव, राम-सीता, कृष्ण, भारत माता के स्वरूपों ने उन्हें आशीर्वाद दिया। यहां मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसियों से भी उन्होंने आशीर्वाद लिया। कुछ दूर पर ही पूर्व महासचिव राष्ट्रीय कांग्रेस मोहन प्रकाश की मौजूदगी में दंडी स्वामी के समूह ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव को आशीर्वाद दिया तो वहीं एक दल ने शंखनाद व मंत्रोच्चार किया।