वाराणसी। जिले के अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था को लेकर सोमवार को लखनऊ में समीक्षा हुई। एनजीटी पूर्वी यूपी के चेयरमैन और हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह ने अस्पतालों के साथ ही गंगा में गिरने वाले नालों के पानी के साथ ही अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह की अध्यक्षता वाली टीम ने जनवरी में निरीक्षण किया। जिसमें बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के साथ ही असि नदी और वरुणा का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी थी। इस दौरान टीम ने जहां अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट निस्तारण की खराब स्थिति पर फटकार लगाई थी वहीं इसकी समीक्षा और निगरानी करने का निर्देश सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों को दिया था। कुछ दिन तक तो सब ठीक चला लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। एनजीटी के निर्देशों का असर था कि सीएमओ ने पिछले महीने अस्पतालों को नोटिस जारी कर व्यवस्था में सुधार लाने को कहा था। एडीएम, नगर आयुक्त के साथ लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में सीएमओ भी पहुंचे थे। मिली जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक में टीम के चेयरमैन ने 30 बेड से अधिक बेड वाले अस्पतालों में ईटीपी (इफ्यूलेट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने, मानीटरिंग करते रहने का निर्देश दिया। इस दौरान असि नदी और वरुणा की गंदगी पर भी नाराजगी जाहिर की है। बैठक में तीन माह के भीतर फिर समीक्षा करने का निर्देश चेयरमैन ने दिया। इसको लेकर डीएम ने मंगलवार को बैठक बुलाई हैं।