जिला पंचायत सभागार में रविवार को हंगामेदार बैठक आय व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया है। अपर मुख्य अधिकारी ने पुनरीक्षित बजट और आगामी वित्तिय वर्ष का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया। विपक्षी जिला पंचायत सदस्यों के विरोध के चलते जिला योजना को नहीं पास कराया जा सका। उधर, पिछले दिनों जिला पंचायत के कार्यो के शिलान्यास और लोकार्पण में भी पक्षपात का आरोप लगाया।
बैठक की शुरुआत में ही सपा और बसपा के जिला पंचायत सदस्यों ने हंगामा शुरू किया और पिछले दिनों लोकार्पण शिलान्यास का विरोध किया। जिला पंचायत सदस्य संजय मिश्र ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के पैसों पर भाजपा चुनावी खेल कर रही है। विरोध बढ़ता देख जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर ने हस्तक्षेप किया। बावजूद इसके विपक्षी पार्षदों के विरोध के चलते जिला योजना को पास नहीं कराया जा सका।
जिला पंचायत की बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 38 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपये की आय का अनुमान था। मगर, इस वित्तीय वर्ष में 52 करोड़ 95 लाख 64 हजार 870 रुपये की आय हुई। 14 करोड़ रुपये की ज्यादा आय हुई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 51 करोड़ 88 लाख 46 हजार 168 रुपये की अनुमानित आय होगी। ऐसे ही वर्ष 2018-19 में 38 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपये व्यय का अनुमान था, मगर इसके मुकाबले 52 करोड़ 95 लाख 64 हजार 870 रुपये व्यय किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 51 करोड़ 88 लाख 46 हजार 168 रुपये व्यय का अनुमान है।