वाराणसी। मंडी टैक्स खत्म करने और जीएसटी के सरलीकरण की मांग को लेकर व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला के साथ बैठक की। इसमें विभागों में अटकी टैक्स रिफंड, फाइलिंग की समस्या और कच्चा माल पर ज्यादा व तैयार माल पर कम जीएसटी का मुद्दा उठाया। सर्किट हाउस में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फरवरी में दोबारा बैठक होगी और उस वक्त आपके सुझाव पर अमल कराया जाएगा।
व्यापारियों ने मंत्री को बताया कि सोलर एनर्जी को लगाने के लिए कच्चे माल पर 18 फीसदी और तैयार माल पर पांच फीसदी टैक्स होता है। इस तरह की असमानता के कारण व्यापार चौपट हो रहा है। कई प्रदेशों में मंडी शुल्क नहीं लिया जाता है जबकि उत्तर प्रदेश में मंडी शुल्क देना पड़ता है, इसे समाप्त किया जाना चाहिए। कपड़ा उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि एक हजार रुपये तक के कपड़ों पर टैक्स नहीं होना चाहिए। वित्त राज्यमंत्री के साथ उत्तरी विधायक रविंद्र जायसवाल भी मौजूद रहे। बैठक में श्रीनारायण खेमका, अजित बग्गा, रविन्द्र गोयनका, मनोज दुबे, मनीष गुप्ता, प्रेम मिश्रा, राकेश गुप्ता, प्रतीक गुप्ता, घनश्याम जायसवाल, मनोज रावत, अशोक जायसवाल ने भाग लिया। उधर, बिल्डर्स एंड डेवलेपर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने वित्त राज्यमंत्री से मुलाकात कर भवन निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्रियों पर पांच फीसदी जीएसटी की मांग की। इस दौरान अनुज डिडवानिया, अनिल कुमार सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री को बताई समस्या
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला को सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन ने मंगलवार को 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। अध्यक्ष आनंद कुमार मौर्य की अगुवाई में मंत्री को जीएसटी के कारण आ रही समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान सचिव विनय कांत मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।